Career as a Language Translator

 


सरकारी और निजी क्षेत्र में ट्रांसलेटर यानी अनुवादक की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। भारत में ऑफिशियल कार्य आमतौर पर अंग्रेजी में ही होते हैं लेकिन राजभाषा हिंदी होने के कारण दस्तावेजों को हिंदी में भी तैयार किया जाता है। वैसे हिंदी भाषी राज्यों में बुनियादी आफिशियल कार्य आमतौर पर हिंदी में ही किए जाते हैं। लेकिन चूंकि कई बार इन्हें केंद्र या अन्य राज्यों को भेजने की भी जरूरत पड़ती है, इसलिए उनका अंग्रेजी संस्करण भी तैयार किया जाता है।

ग्लोबलाइजेशन के कारण यहां देशी-विदेशी कंपनियों व मीडिया क्षेत्र को भी अपने बहुत सारे काम अंग्रेजी और हिंदी दोनों में करने पड़ते हैं। ऐसे में अंग्रेजी से हिंदी और हिंदी से अंग्रेजी रूपांतरण में दक्ष लोगों की आवश्यकता होती है।
इस क्षेत्र में रिक्तियां नियमित रूप से आती रहती हैं। अनुवादकों की भर्ती के लिए कर्मचारी चयन आयोग ने हाल ही मेंं कनिष्ठ अनुवादक परीक्षा 2006 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस परीक्षा के आधार पर भारत सरकार के केंद्रीय सचिवालय राजभाषा सेवा में भर्ती की जाएगी।

योग्यता : आवेदन की इच्छा रखने वाला अभ्यर्थी हिंदी विषय के साथ या हिंदी माध्यम में पीजी हो, साथ ही स्नातक स्तर पर एक विषय अंग्रेजी भी हो। अंग्रेजी के साथ या अंग्रेजी माध्यम से पीजी और स्नातक में अंग्रेजी एक विषय रखने वाले अथवा किसी भी विषय से पीजी और डिग्री स्तर पर हिंदी व अंग्रेजी विषय रखने वाले अभ्यर्थी भी पात्र हैं। किसी भी विषय में पीजी और हिंदी विषय के साथ अंग्रेजी माध्यम से स्नातक या फिर किसी भी विषय से पीजी और एक विषय अंग्रेजी रखते हुए हिंदी माध्यम से स्नातक भी आवेदन कर सकते हैं। साथ ही आवेदक की आयु 1 जनवरी, 2006 को 28 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।

परीक्षा का स्वरूप
इस परीक्षा के दो भाग हैं :
1. 400 अंकों की लिखित परीक्षा, और 2. 100 अंक का पर्सनालिटी टेस्ट (इंटरव्यू)

लिखित परीक्षा : इसमें दो-दो घंटे की अवधि के दो पेपर (दोनों 200-200 अंक के) होंगे। पहला पेपर ऑब्जेक्टिव टाइप के मल्टीपल च्वायस प्रश्नों पर आधारित होगा। इसमें सामान्य हिंदी और जनरल इंग्लिश (दोनों 100-100 अंक के) पर आधारित प्रश्न होंगे। दूसरा पेपर कनवेंशनल टाइप का वर्णनात्मक होगा। इसमें ट्रांसलेशन के लिए दो पैसेज होंगे जिसमें एक का अंग्रेजी से हिंदी और दूसरे का हिंदी से अंग्रेजी में अनुवाद करना होगा। इसके अलावा हिंदी एवं अंग्रेजी में एक-एक निबंध भी लिखना होगा। ध्यान रखें, केवल उन्हीं अभ्यर्थियों के दूसरे पेपर के उत्तर पत्रक का मूल्यांकन किया जाएगा जो पहले पेपर में आयोग द्वारा निर्धारित न्यूनतम क्वालिफाइंग अंक प्राप्त करेंगे।

पर्सनालिटी टेस्ट : लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थी को पर्सनालिटी टेस्ट यानी इंटरव्यू के लिए कॉल किया जाएगा जो 100 अंक का होगा। दोनों परीक्षाओं में प्राप्त अंकों के आधार पर अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों के नामों की सूची जारी की जाएगी।

टिप्स सफलता के : चयन सुनिश्चित कराने के लिए अंग्रेजी और हिंदी पर अच्छी पकड़ होनी चाहिए। ग्रामर का ध्यान रखते हुए अंग्रेजी से हिंदी व हिंदी से अंग्रेजी अनुवाद का रेगुलर अभ्यास करें। ध्यान रखें, शब्दश: अनुवाद से बचते हुए भावानुवाद पर जोर दें ताकि प्रवाह बरकरार रहे।


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